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प्रधानमंत्री ने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन का बचाव किया

उर्दूपॉइंट ने प्रधानमंत्री के हवाले से लिखा कि देर से लिया गया फैसला और नुकसान करता और सरकार ने बातचीत में तय मसौदे की मंजूरी का इंतजार किया।

स्कर्दू टाइम्स डेस्क

उर्दूपॉइंट की शनिवार की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन इसलिए लगाया गया क्योंकि हालात में कोई और विकल्प नहीं बचा था, और अगर फैसला इससे और देर से लिया जाता तो और नुकसान होता।

उर्दूपॉइंट की हेडलाइन में उनके हवाले से कहा गया कि सरकार ने बातचीत की थी और फिर तय मसौदे की मंजूरी का इंतजार किया। हेडलाइन इसी जगह खत्म हो गई और पूरी रिपोर्ट नहीं मिल सकी। इसमें न बातचीत में शामिल पक्षों के नाम थे, न यह कि प्रधानमंत्री ने कहां या किससे बात की, न फैसले की तारीख थी और न इसके लिए जारी किसी अधिसूचना का जिक्र था।

प्रधानमंत्री की टिप्पणियों का कोई पाठ उपलब्ध नहीं था और बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।

गवर्नर शासन में प्रांत को उसका गवर्नर चलाता है, जिसे प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति नियुक्त करता है, और निर्वाचित प्रांतीय सरकार काम नहीं करती।

एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने रॉयटर्स को अलग इंटरव्यू में कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में बड़े पैमाने के अभियान की योजना नहीं है और उग्रवाद के खिलाफ खुफिया आधारित अभियान तेज किए जाएंगे।